मेराल थाना का डीआईजी किशोर कौशल ने किया निरीक्षण, शिकायतों के त्वरित निष्पादन और पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग पर दिया जोर

पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
विकास कुमार
मेराल । डीआईजी किशोर कौशल ने मंगलवार को मेराल थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना के सभी अभिलेखों, पंजीयों, संचिकाओं, मालखाना, अस्त्र-शस्त्र तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थाना परिसर पहुंचने पर डीआईजी को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी विष्णु कांत के नेतृत्व में आयोजित किट परेड का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने अपराध से संबंधित अभिलेखों, लंबित मामलों, कोर्ट नोटिस, वारंट, इश्तिहार एवं कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके। डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं की शिकायतें किस प्रकार सुनी जाती हैं और उन पर कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने थाना प्रभारी एवं सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को भी अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ पुराने मामलों के निष्पादन में लापरवाही पाई गई है। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है तथा भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी ने थाना परिसर में मालखाना, हथियारों के रखरखाव एवं अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि थाना आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ मित्रवत व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि मेराल थाना वास्तव में ‘पब्लिक फ्रेंडली थाना’ के रूप में स्थापित हो सके।

इस अवसर पर सार्जेंट मेजर संतोष कुमार, एसडीपीओ दिलु लोहार, इंस्पेक्टर संतोष कुमार, थाना प्रभारी विष्णु कांत, एसआई रवि कुमार, विनोद पासवान, अरविंद कुमार, ओ.पी. पांडे सहित सभी पुलिस पदाधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।





