गांव तक पहुंचा परिवहन विभाग, मेराल में लगा लाइसेंस शिविर, उमड़ी लोगों की भीड़

‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, डीटीओ ने 100 अभ्यर्थियों को सौंपे लर्निंग लाइसेंस
विकास कुमार
मेराल। जिला परिवहन विभाग गढ़वा द्वारा मेराल पूर्वी पंचायत भवन में शनिवार को कैंप लगाकर 100 लोगों को लर्निंग लाइसेंस दिया। ड्राइविंग या लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। झारखंड सरकार के परिवहन विभाग की नई पहल “परिवहन कार्यालय आपके द्वार” अभियान की शुरुआत शनिवार को मेराल प्रखंड से हुई। पहले ही दिन शिविर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ अभियान का लाभ उठाया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए शिविर में आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन, कंप्यूटर आधारित लर्निंग टेस्ट तथा लाइसेंस से जुड़ी पूरी प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की गई। सफल अभ्यर्थियों को जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) ने अपने हाथों से 100 लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए और उन्हें सुरक्षित वाहन चलाने का संदेश भी दिया।

डीटीओ धीरज प्रकाश ने कहा कि सरकार का उद्देश्य परिवहन सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय न जाना पड़े। उन्होंने इच्छुक आवेदकों से अपील की कि शिविर में आने से पहले सारथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर उसका प्रिंट, शुल्क भुगतान की ऑनलाइन रसीद तथा सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं। शिविर में प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी, सीओ सह प्रभारी बीडीओ यशवंत नायक, डीटीओ धीरज प्रकाश, मुखिया राम सागर महतो तथा जिला परिवहन कार्यालय के कर्मियों ने पूरी व्यवस्था संभाली।

प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीणों के लिए काफी लाभदायक हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी तथा अधिक से अधिक लोग वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे। वहीं मुखिया राम सागर महतो ने जिला परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से लगाए जाने चाहिए।

ऑनलाइन ही जमा होगा शुल्क
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि शिविर में किसी प्रकार का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा होगा। इसलिए आवेदकों को UPI, डेबिट/एटीएम कार्ड या अन्य ऑनलाइन भुगतान की सुविधा साथ रखने की सलाह दी गई।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
मेराल से शुरू हुआ यह अभियान अब गढ़वा जिले के अन्य प्रखंडों और पंचायतों में भी आयोजित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक ही परिवहन विभाग की सेवाएं मिलेंगी, समय और पैसे दोनों की बचत होगी तथा अधिक से अधिक लोगों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराने के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।





