मां का साया बचपन में उठा, बेटे ने मेहनत से पाया रेलवे में बड़ा मुकाम

विकास कुमार
मेराल। प्रखंड क्षेत्र के अकलवानी गांव में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई जब गांव के युवा राहुल रंजन मिश्रा उर्फ कुणाल को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन में असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) पद पर नियुक्ति पत्र मिला। नियुक्ति पत्र मिलते ही घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। परिवार और गांव के लोग एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी का इजहार कर रहे हैं। राहुल रंजन मिश्रा के पिता अशोक मिश्रा ने बताया कि राहुल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी था। उसकी प्रारंभिक शिक्षा गढ़वा के आरके पब्लिक स्कूल में हुई, जहां उसने दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उसने लखनऊ के आजाद इंस्टिट्यूट से बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा रहा। उसकी मेहनत और लगन का परिणाम है कि भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय द्वारा आयोजित रोजगार मेला के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन में असिस्टेंट लोको पायलट पद पर उसका चयन हुआ।

राहुल की सफलता की कहानी संघर्ष और प्रेरणा से भरी हुई है। बचपन में ही गंभीर बीमारी के कारण उसकी मां का निधन हो गया था। ऐसे कठिन समय में पिता अशोक मिश्रा और बड़े भाई आशीष मिश्रा ने मां और पिता दोनों की जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने राहुल की परवरिश और पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। आज बेटे की सफलता ने पूरे परिवार की मेहनत को सार्थक कर दिया है। राहुल की उपलब्धि पर गांव और क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। बधाई देने वालों में धनंजय मिश्रा, पुष्कर मिश्रा, ज्ञानरंजन मिश्रा, अखिलेश चौबे, प्रीतम चक्रवर्ती, कमल किशोर चौबे, ओंकार तिवारी उर्फ बंटी, अतुल कुमार पांडे, अमित पाठक, धर्मेंद्र मेहता सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं।


