भूतपूर्व मुखिया व वरिष्ठ समाजसेवी वाल्मीकि चौबे का निधन

विकास कुमार
मेराल । थाना क्षेत्र के देवगाना गांव निवासी तथा करकोमा पंचायत के भूतपूर्व मुखिया व वरिष्ठ समाजसेवी वाल्मीकि चौबे (81 वर्ष) का निधन बुधवार को उनके पैतृक आवास पर हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही मेराल सहित पूरे गढ़वा जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, वाल्मीकि चौबे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। वे एक स्पष्ट वक्ता, सुशिक्षित, कानून के जानकार और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। अपने व्यवहार और कार्यशैली के कारण वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे।
बताया जाता है कि वर्ष 1970 में वे करकोमा पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायत के विकास और जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुखिया रहने के अलावा भी वे विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहकर जीवनभर समाज सेवा में सक्रिय रहे। उनके निधन पर रघुराई राम, प्रखंड प्रमुख दीप माला कुमारी, उमाशंकर तिवारी, विनय कुमार चौबे, शंभू चौबे, बृजराज चौबे, संजय भगत, बलराम शर्मा, रंजीत चौबे, यासीन अंसारी, हरेंद्र चौधरी, रामप्रवेश चंद्रवंशी, धर्मराज दुबे, प्रो. किशोरी मोहन मिश्रा, डॉ. लालमोहन मिश्रा, सुरेंद्र चौबे, रमाकांत प्रसाद, डॉ. अनिल शाह, वीरेंद्र शाह, गोपाल राम, मुखिया अनिल चौधरी, गौरी शंकर तिवारी, जुगल किशोर पांडे, हरिद्वार मिश्र, वीरेंद्र मिश्र, राम लखन तिवारी, मैनेजर विश्वकर्मा, अतहर अली अंसारी सहित कई गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।




