
दिग्गजों के प्रचार के बावजूद नहीं चला जादू
विकास कुमार
गढ़वा। नगर परिषद चुनाव में इस बार इतिहास रचते हुए निर्दलीय प्रत्याशी आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। उन्होंने कुल 7201 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी झामुमो समर्थित संतोष केसरी को 3411 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। संतोष केसरी को 3790 मत मिले।

यह जीत न केवल व्यक्तिगत बल्कि नगर निकाय राजनीति में एक नया अध्याय मानी जा रही है। इतने बड़े अंतर से मिली जीत को गढ़वा नगर परिषद चुनाव के इतिहास की सबसे बड़ी और प्रभावशाली जीतों में से एक बताया जा रहा है। मतगणना पूरी होने के बाद अपर समाहर्ता राज महेश्वरम ने आशीष कुमार सोनी को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रशासन की कड़ी निगरानी में पूरी मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत संपन्न हुआ।
इस चुनाव में अन्य प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय मत प्राप्त हुए
मासूम राजा – 2883 मत
अलखनाथ पांडे – 2701 मत
भाजपा समर्थित कंचन जायसवाल – 2582 मत
राजद समर्थित विकाश कुमार माली – 1222 मत
आजसू समर्थित दीपक कुमार शर्मा – 408 मत
अनिल कुमार पाण्डेय – 287 मत
संजय कुमार – 207 मत
बसंत लाल – 184 मत
मोहम्मद याकूब – 161 मत
दिग्गजों के प्रचार के बावजूद नहीं चला जादू
इस नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में रघुवर दास एवं स्थानीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने प्रचार किया, वहीं झामुमो समर्थित संतोष केसरी के समर्थन में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर मैदान में उतरे। इसके बावजूद मतदाताओं ने सभी समीकरणों को ध्वस्त करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार आशीष कुमार सोनी पर भरोसा जताया।
जनता का भरोसा बना जीत की कुंजी
विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत विकास, जनसंपर्क और जमीनी पकड़ की जीत है। नगर परिषद वासियों ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से हटकर स्वतंत्र प्रत्याशी को भारी समर्थन देकर स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विकास और जवाबदेही की राजनीति चाहते हैं। अंतिम परिणाम की घोषणा के साथ ही चुनावी प्रक्रिया पूर्ण हो गई और समर्थकों में जश्न का माहौल देखने को मिला। गढ़वा नगर परिषद को अब नया नेतृत्व मिल गया है, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




