
मेराल में अकीदत और भाईचारे के साथ मना मुहर्रम, ताजिया जुलूस व हैरतअंगेज करतबों ने बांधा समां
विकास कुमार
मेराल। शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को मेराल प्रखंड में गहरी अकीदत, आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न पंचायतों और गांवों में निकले भव्य ताजिया, दुलदूल और अखाड़ों के जुलूस आकर्षण का केंद्र रहे।

हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने जुलूस में शामिल होकर श्रद्धा व्यक्त की। प्रखंड मुख्यालय में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। माकूना, बाजार टोला, पुरवारा टोला, दिलबोध टोला, चरकापत्थर, गोंदा, लगमा सहित विभिन्न मोहल्लों और गांवों से निकले ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए एनएच-39 स्थित हॉस्पिटल चौक पहुंचे, जहां सभी अखाड़ों का पारंपरिक मिलनी कार्यक्रम आयोजित हुआ।

इसके बाद सभी जुलूस चरकापत्थर स्थित नूरी मस्जिद पहुंचे, जहां अखाड़ों के युवाओं ने एक से बढ़कर एक रोमांचक और आकर्षक करतब प्रस्तुत कर लोगों की खूब वाहवाही बटोरी। पूरे क्षेत्र में “या हुसैन” और अन्य मातमी नारों की गूंज के बीच माहौल पूरी तरह धार्मिक आस्था से सराबोर रहा।देर शाम सभी ताजिया जुलूस कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार मिट्टी देने की रस्म अदा की गई। श्रद्धालुओं ने शहीद-ए-कर्बला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी।

इसी प्रकार ओखरगाड़ा, पचपेड़ी, दलेली, चामा, तिसरटेटूका, हासनदाग, बाना, लोवादाग सहित दर्जनों गांवों में भी मुहर्रम का पहलाम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे प्रखंड में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस मार्गों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की सतर्कता और आम लोगों के सहयोग से मुहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ।




