वाल्मीकि चौबे का निधन क्षेत्र और समाज के लिए अपूरणीय क्षति : रघुराई राम

विकास कुमार
मेराल (गढ़वा)। मेराल प्रखंड अंतर्गत देवगाना गांव निवासी, पूर्व मुखिया एवं प्रख्यात समाजसेवी वाल्मीकि चौबे के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके निधन को क्षेत्र और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए समाजसेवी रघुराई राम ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
रघुराई राम ने कहा कि वाल्मीकि चौबे एक कर्मठ, ईमानदार और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उन्होंने अभिभाजित करकोमा पंचायत, जो वर्तमान में तीन पंचायतों में विभाजित है, में लंबे समय तक मुखिया के रूप में कार्य करते हुए जनकल्याण के कई महत्वपूर्ण कार्य किए। इसके साथ ही वे मेराल प्रखंड के बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष भी रहे और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि वाल्मीकि चौबे बहुजन समाज पार्टी के ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के गढ़वा जिला संयोजक के रूप में भी कार्यरत रहे, जहां उन्होंने सामाजिक समरसता और संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। वे हमेशा कमजोर वर्गों के हक और अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े रहते थे।

रघुराई राम ने कहा कि क्षेत्र के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए वाल्मीकि चौबे एक सुरक्षा कवच के समान थे। उनके निधन से न केवल एक अनुभवी जनप्रतिनिधि का बल्कि एक मार्गदर्शक और संरक्षक का भी साया उठ गया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुखद घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।



