मेराल प्रखंड में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा छठ महापर्व

विकास कुमार
मेराल (गढ़वा) । मेराल प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के रेजो, बाना, हासनदाग, गोंदा, करकोमा, लखेया, अकलवानी, पेशका, बंका, ओखरगाड़ा, विकताम, अटौला समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है।

तीन दिवसीय इस कठिन व्रत के दूसरे दिन व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों, मंदिरों, तालाबों और नदी तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए शाम के समय जल में खड़े होकर सूर्य देव की आराधना की और परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु तथा समाज की खुशहाली की कामना की। छठ पर्व को लेकर स्थानीय स्तर पर स्वच्छता, सुरक्षा और रोशनी की बेहतर व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्रामीण इलाकों में भी इस पर्व की विशेष रौनक देखने को मिली। महिलाएं नए वस्त्र धारण कर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए छठ घाटों तक पहुंचीं।
“कांच ही बांस के बहंगिया” और “उग हो सुरुज देव” जैसे पारंपरिक गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर नियमपूर्वक पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस महापर्व के अवसर पर सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली, जहां सभी वर्ग और समुदाय के लोग मिल-जुलकर इस आस्था के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं।



