
विकास कुमार की रिपोर्ट
मेराल। मुख्यालय स्थित एस जी एन मॉडर्न किंडर गार्टन विद्यालय में बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके महान योगदान को याद किया।

विद्यालय के निदेशक धर्मेंद्र देव ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन केवल उनके जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि उनके संघर्षों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करने का भी अवसर है। उन्होंने बताया कि डॉ. आंबेडकर का उद्देश्य लोगों को शिक्षित, संगठित और आंदोलन के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जो सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान के मूल्यों को मजबूत करते हैं। वे एक महान संविधान निर्माता, समाज सुधारक, विधिवेत्ता और दलितों के अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने जीवनभर समानता, सामाजिक न्याय और जातिगत भेदभाव के उन्मूलन के लिए संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। निस्संदेह, डॉ. आंबेडकर का सबसे बड़ा योगदान भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण आकाशदीप, राहुल कुमार, पूजा कुमारी, खुशबू कुमारी, रामाशीष राम, पंकज कुमार पासवान, पंकज कुमार चौधरी, संजय गुप्ता, प्रदीप कुमार सिंह, ज्योति एवं अन्य सहकर्मी उपस्थित रहे।



