
मेराल से गांव-गांव तक वट वृक्ष के नीचे उमड़ी महिलाओं की आस्था, पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि
विकास कुमार
मेराल । प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को बट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और समर्पण के साथ मनाया गया। सुबह पांच बजे से ही विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष के पास सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूजा के दौरान महिलाएं पारंपरिक श्रृंगार में सज-धज कर वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं। जिन स्थानों पर वट वृक्ष उपलब्ध नहीं था, वहां महिलाओं ने घर में वट वृक्ष का पौधा स्थापित कर पूजा की। कम उम्र की महिलाओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से व्रत रखा। महिलाओं ने वट वृक्ष की जड़ में कच्चा धागा बांधकर श्रद्धानुसार 11, 21 और 101 बार परिक्रमा की तथा प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद पुरोहितों द्वारा पूजा संपन्न कराई गई और महिलाओं ने सती सावित्री एवं सत्यवान की कथा सुनी। पूजा उपरांत श्रद्धानुसार दान-दक्षिणा भी दी गई। मेराल के मां शायर देवी धाम परिसर में पंडित दिनेश पाठक एवं पंडित कमलेश वैद्य ने पूजा संपन्न कराई। वहीं लातदाग सड़क किनारे स्थित प्राचीन वट वृक्ष के पास आचार्य कैलाशपति मिश्र ने महिलाओं को पूजा कराई। इसके अलावा लगमा, हासनदाग, बाना, गोंदा, संगबरिया, बंका, पढ़ुआ, अटौला, चेचरिया, दलेली और अरंगी समेत कई गांवों में भी महिलाओं द्वारा श्रद्धापूर्वक बट सावित्री व्रत किए जाने की जानकारी मिली है।



