लखेया में बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर प्रतिमा का अनावरण, रातभर चला सांस्कृतिक कार्यक्रम

विकास कुमार
मेराल । प्रखंड के लखेया ग्राम में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया और देर रात तक अंबेडकरवादी मिशन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

प्रतिमा का अनावरण डॉ. आर. के. रंजन, प्रोफेसर मेदनी राय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मेदिनीनगर, बामसेफ के झारखंड स्टेट कोऑर्डिनेटर रघुराई राम, बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव अभिमन्यु सिंह, मेराल प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी, चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. अनिल साव तथा जेएमएम नेता दशरथ प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता रघुराई राम ने कहा कि बाबा साहेब विश्व के महान विभूति थे। जो 9 भाषा और 32 डिग्रीयां के ज्ञांता थें। वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। जिन्होंने भारतीय संविधान के माध्यम से असमानता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को बदलकर समतामूलक समाज की नींव रखी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. रंजन ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं विशिष्ट अतिथि अभिमन्यु सिंह ने कहा कि यदि बाबा साहेब ने हिंदू कोड बिल को आगे नहीं बढ़ाया होता, तो महिलाओं को आज समान अधिकार नहीं मिल पाता। प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी ने बाबा साहेब को देश के लिए प्रेरणा का प्रकाश पुंज बताया। डॉ. अनिल साव ने उन्हें कमजोर एवं पिछड़े वर्गों का मसीहा बताया।

इस अवसर पर बसपा जिला अध्यक्ष नंदा पासवान, अंकिता कुमारी, सेवानिवृत्त शिक्षक गोपाल राम, हरि यादव, समाजसेवी असर्फी चंद्रवंशी, बामसेफ गढ़वा के जिला समन्वयक शिवनाथ राम सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मदेव राम ने की, जबकि संचालन ज्ञानी राम ने किया। समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

रात्रि में उत्तर भारत के प्रसिद्ध बिरहा गायक ओमप्रकाश दीवाना एवं उनकी टीम द्वारा अंबेडकरवादी मिशन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को देर रात तक समा बांधे रखा।




