नूरी मस्जिद में अलविदा जुम्मा की नमाज अदा कर, भाईचारे का दिया संदेश

ईद के साथ-साथ सनातन धर्म के पर्व भी चल रहे हैं, ऐसे में सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।
विकास कुमार
मेराल। रमजान के पाक महीने के आखिरी जुम्मे (अलविदा जुम्मा) के मौके पर प्रखंड के चरका पत्थर स्थित नूरी मस्जिद में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ अलविदा जुम्मा की नमाज अदा की। मस्जिद के खतीब व इमाम हजरत मौलाना मोहम्मद अलहाज गुलाम यासीन अंसारी ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद उन्होंने तकरीर करते हुए आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद के साथ-साथ सनातन धर्म के पर्व भी चल रहे हैं, ऐसे में सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

मौलाना ने अपील की कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे किसी की आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि झंडा कहां लगाया जा रहा है या कौन किस गली में लगा रहा है, इसको लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए, बल्कि आपसी सलाह और समझदारी से मिलजुलकर पर्व-त्योहार मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखते हुए एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करें।

इस अवसर पर अतहर अली, सदर मुख्तार, सद्दाम हुसैन, जब्बार अंसारी, इकबाल अंसारी, अब्दुल लतीफ, सुल्तान अंसारी, जहूर रंगसाज, समीम रंगसाज, मास्टर अख्तर अली, मास्टर आरिफ अंसारी, मोहम्मद मुनीर, मास्टर जुनैद अंसारी, खुर्शीद आलम अंसारी, नूर मोहम्मद अंसारी, हाजी अब्दुल्लाह अंसारी, युनुस अंसारी सहित बड़ी संख्या में नमाजी उपस्थित रहे।



