बीएलओ ने जिला परिषद सदस्य पर घर में घुसकर मारपीट व सरकारी काम में बाधा का लगाया आरोप

SIR कार्य को लेकर बढ़ा विवाद :
बीएलओ ने थाना में दिया आवेदन, परिवार की सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग; जिला परिषद सदस्य बोले— आरोप पूरी तरह निराधार
विकास कुमार
मेराल (गढ़वा)। मेराल थाना क्षेत्र में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। पिंडरा गांव निवासी आंगनबाड़ी सेविका सह 54 नंबर बूथ की बीएलओ उमा देवी ने उत्तरी जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह एवं उनके सहयोगियों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़, धमकी देने तथा उनके पति के साथ मारपीट कर हाथ फ्रैक्चर करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मेराल थाना में लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।आवेदन के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे बूथ पर SIR कार्य के दौरान जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह पहुंचे और कथित रूप से मतदाता सूची में दो जगह नाम दर्ज लोगों का दोनों स्थानों से SIR फॉर्म भरने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई तथा भरे हुए SIR फॉर्म फाड़ दिए गए। इसकी सूचना तत्काल मेराल बीडीओ यशवंत नायक को दी गई। बीएलओ का आरोप है कि उसी रात करीब 10 बजे संजय कुमार सिंह अपने पुत्र सूरज कुमार सिंह एवं चिंटू कुमार चंद्रवंशी के साथ उनके घर पहुंचे। वहां गाली-गलौज करते हुए दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, घर में घुसकर मारपीट की, छेड़छाड़ की तथा नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। घटना के दौरान उनके बच्चे भयभीत होकर रोने लगे, जिसके बाद आरोपित कथित रूप से धमकी देते हुए वहां से चले गए। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 14 जुलाई की रात करीब 8 बजे उनके पति नागेंद्र चंद्रवंशी मझिआंव मोड़ पर टेंपो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान आरोपित उन्हें कथित रूप से जबरन पेट्रोल पंप स्थित कमरे में ले गए और SIR कार्य को लेकर दबाव बनाया। विरोध करने पर मारपीट की गई, जिससे उनका दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया। बाद में उनका इलाज गढ़वा सदर अस्पताल में कराया गया। उमा देवी ने आवेदन में आशंका जताई है कि आरोपित प्रभावशाली एवं दबंग हैं, जिससे उनके पूरे परिवार की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
क्या बोले थाना प्रभारी
मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिषद सदस्य ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, जिला परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने उमा देवी के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कराया और विभागीय जांच की मांग की थी। उसी से बचने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गाली-गलौज उमा देवी और उनके पति की ओर से की गई थी। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप का है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


