रमजान में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, संगवरिया में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन

विकास कुमार
मेराल । रमजान के पाक महीने में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करते हुए ग्राम पंचायत संगबरिया के राजहरा मदरसा प्रांगण में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। यह आयोजन समाजसेवी रघुराई राम एवं पूर्व मुखिया सुनीता देवी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में रोजेदारों और स्थानीय लोगों की सहभागिता रही। इफ्तार कार्यक्रम के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली, जहां सभी समुदाय के लोग एक साथ बैठकर रोजा खोले और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। पूरे माहौल में सौहार्द और एकता की भावना साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर रघुराई राम ने कहा कि रमजान का महीना इंसानियत, त्याग, भाईचारा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। दावत-ए-इफ्तार जैसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों के बीच आपसी दूरी कम होती है।कार्यक्रम में मौजूद रोजेदारों ने देश में अमन-चैन, शांति और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। आयोजन में संगवरिया पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

इस मौके पर डॉ. लाल बहादुर साह, मटुकी सिंह, चंद्रिका सिंह, कुंदन चंद्रवंशी, सत्येंद्र साव, उमाशंकर राम, लालू कुमार भारती, लखन सिंह, अंबिका सिंह, बजेंद्र साव, कमलेश साव, डॉ. रविंद्र पासवान, सुबेश्वर राम, सुभाष कुमार रवि, मदन राम, बुद्ध प्रिया रंजन, सौरव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। वहीं, हाजी अब्दुल रहीम अंसारी, जलील अंसारी, अब्दुल हामिद अंसारी, गुलाम नबी अंसारी, कदम रसूल अंसारी, जन्नत अंसारी, अयूब अंसारी, लतीफ अंसारी, अल्ताफ अंसारी, इकबाल अंसारी, अनीश अंसारी, गयासुद्दीन अंसारी, इसहाक अंसारी, फिरोज अंसारी, कैमुदीन अंसारी, इन्ताज अंसारी, शहादत अंसारी, डॉ. बहुल अंसारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेराल क्षेत्र में सामाजिक एकता और भाईचारे की परंपरा आज भी मजबूती से कायम है।




