गढ़वा में मनाया गया दधीचि दिवस, संन्यासियों के बलिदान को किया नमन

विकास कुमार
गढ़वा। गुरुवार को आनंद मार्ग जागृति, गढ़वा में आनंदमार्गियों ने दधीचि दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया। इस अवसर पर भागवत धर्म की स्थापना के लिए संन्यासियों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए सुबह से शाम तक 12 घंटे का निर्जला उपवास रखा गया। उपवास के बाद कीर्तन, ध्यान, साधना और स्वाध्याय का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित मार्गियों ने साधना, सेवा और त्याग के माध्यम से नैतिक, विवेकशील और समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।कार्यक्रम में बताया गया कि 5 मार्च 1967 को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के आनंद नगर में हुई हिंसक घटना में आनंद मार्ग के पांच संन्यासियों ने मानव धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके इस बलिदान को दधीचि के रूप में सम्मानित किया जाता है और उसी की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर भुक्ति प्रधान धर्मेंद्र देव ने आनंद मार्ग के आध्यात्मिक व सामाजिक सिद्धांत प्रउत और नव्य मानवतावाद को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राम जन्म , मनोज, डॉ. रामानुज प्रसाद, कैलाश प्रसाद, दिनेश प्रसाद, हरिद्वार, अनुप देव, ज्योतिर्मय देव सहित कई मार्गी उपस्थित रहे।




