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आदिवासी समाज को ‘लैडर’ नहीं, ‘लीडर’ बनने की जरूरत : रघुराई राम

विकास कुमार 

मेराल । सामाजिक परिवर्तन केंद्र के तत्वाधान में शहीद नीलांबर-पीतांबर के 166वें शहादत दिवस पर के अवसर पर संगवरिया स्थित नीलांबर-पीतांबर चौक पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी संघ, गढ़वा के जिला अध्यक्ष रघुराई राम, समाजसेवी सह चिकित्सक डॉ. अनिल साव, पूर्व जिला परिषद सदस्य वीरेंद्र साव, पूर्व मुखिया सुनीता देवी, मुखिया संजय राम,मनदीप सिंह, बीडीसी अनिता देवी, मुखिया रमेश पासवान, डॉ. लालबहादुर साव, शिक्षक मनी सिंह, भरदूल राम, सुभाष कुमार रवि, मदन राम, राजेश्वर सिंह, किरणनंद गौतम, वनपाल विनय कुमार सिंह, चंद्रिका सिंह, जमुना सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पारंपरिक आदिवासी कलाकार रंका एवं बनुआ की टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें आदिवासी संस्कृति, परंपरा और संघर्ष की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए रघुराई राम ने कहा कि “आदिवासी समाज को अब ‘लैडर’ (सीढ़ी) नहीं, ‘लीडर’ बनने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान और अपनी पहचान को बचाने के लिए समाज के लोगों को खुद आगे आकर नेतृत्व करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए नीलांबर-पीतांबर, बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी जैसे महान वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके संघर्षों और बलिदान को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का संचालन मटुकी सिंह एवं कुंदन चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से किया, जबकि अध्यक्षता जमुना सिंह ने की।

श्रद्धांजलि सभा को राजेश्वर सिंह, सुरेंद्र सिंह, धर्मदेव सिंह, रघुवीर सिंह, सागर सिंह, मंजू भुइंया, लक्ष्मी राम, बुद्ध प्रिया रंजन, अजय राम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित करते हुए शहीदों के विचारों को अपनाने और समाज को संगठित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में नीलांबर-पीतांबर युवा क्लब, संगवरिया के अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह, उपेंद्र सिंह, राकेश कुमार सिंह, रमय सिंह, मंजय सिंह, अखिलेश सिंह, सुखवीर सिंह, विकास सिंह, अनय सिंह, कमलेश सिंह, अखिलेश चंद्रवंशी, मृत्युंजय कुमार चंद्रवंशी, गणेश राम, लालू कुमार भारती, उमाशंकर राम, अनुज कुमार सिंह, सतन सिंह सहित अन्य युवाओं का सराहनीय योगदान रहा। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और शहीदों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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