माता सावित्रीबाई फुले की मनाई गई जयंती

विकास कुमार
मेराल। देश में महिला शिक्षा की प्रणेता एवं प्रथम महिला शिक्षिका महान समाजसेवी माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मंगलवार को अपराह्न 3 बजे अंबेडकर चौपाल, लोवादाग में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक बटेश्वर राम ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत बामसेफ के झारखंड स्टेट कोऑर्डिनेटर सह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ, गढ़वा के अध्यक्ष रघुराई राम द्वारा माता सावित्रीबाई फुले एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात अपने संबोधन में रघुराई राम ने महात्मा ज्योतिबा राव फुले एवं माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने समाज की तमाम कुरीतियों और अपमान को सहते हुए महिला शिक्षा की अलख जगाई। इस दौरान उन्हें भारी प्रताड़ना और अत्याचारों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज पूरा समाज उनके योगदान का ऋणी है। इस अवसर पर समाजसेवी गणेश राम, नागेंद्र राम, उदय राम, वार्ड सदस्य फुल कुमारी देवी, सनेश कुमार, उदित कुमार, पप्पु कुमार, आदित्य कुमार, रंजीत कुमार, कमल किशोर एवं सोनू कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

वहीं दूसरी ओर मेराल-डंडई रोड स्थित अंबेडकर युवा एकता मिशन द्वारा सोनू जाटव की अध्यक्षता में भी सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर सोनू जाटव ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की नींव रखी, जब समाज इसके लिए तैयार नहीं था। उन्होंने सभी महिलाओं से सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके विचारों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में तैयब अंसारी, बिंदु कुमार राम, महेंद्र राम, राहुल कुमार, छोटू कुमार, ओमप्रकाश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

