संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं मनाई गई जयंती


इंसान की पहचान जन्म से नहीं, कर्म और आचरण से होती है : घूरन राम
विकास कुमार
मेराल। प्रखंड के पश्चिमी पंचायत स्थित छःआना टोला में रैदास विकास मंच द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बसपा जिलाध्यक्ष नंदा पासवान, मुखिया उर्मिला देवी, बीडीसी अंचला देवी, मुखिया पति मुन्ना राम, पूर्व सांसद घूरन राम, झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष सूर्य प्रकाश, दशरथ प्रसाद तथा बबलू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। प्रभात फेरी सामुदायिक भवन से प्रारंभ होकर रेलवे स्टेशन, मस्जिद, बस स्टैंड होते हुए पुनः सामुदायिक भवन में संपन्न हुई। इसके बाद संत शिरोमणि गुरु रविदास एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया।

इस अवसर पर बसपा जिलाध्यक्ष नंदा पासवान ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास भारत के महान संत, समाज सुधारक एवं निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत थे। उन्होंने जाति-पाति, ऊँच-नीच और आडंबर का विरोध कर प्रेम, समता और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने गुरु रविदास की पंक्ति “ऐसा चाहूँ राज मैं, मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न” का उल्लेख करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने की अपील की।

पूर्व सांसद घूरन राम ने कहा कि गुरु रविदास केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि इंसान की पहचान जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से होती है। आज भी उनके विचार समता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाते हैं।

कार्यक्रम में दशरथ प्रसाद, शिक्षक वीरेंद्र राम, अजय राम और बब्लू सिंह ने भी संत शिरोमणि गुरु रविदास के जीवन एवं विचारों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन नंदलाल राम ने किया।

इस अवसर पर प्रेमचंद प्रसाद, अरविंद कुमार सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि नाथुन राम, शिक्षक वीरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, कामेश्वर सिंह, निर्मल राम, नंदूलाल राम, अभय राम, उदय राम, राजा कुमार, अनिरुद्ध कुमार, शैलेंद्र कुमार, हर्षिकेश कुमार, श्रवण राम, शिव राम, दामोदर कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।




