गायन एवं बाध्य यंत्र का संकीर्तन दिवस आनंद मार्गियों ने मनाया

शारीरिक,मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन हेतु कीर्तन दिवस मनाया
विकास कुमार
मेराल । एस जी एन मॉडर्न किंडर गार्टेन स्कूल में आनंद मार्ग जागृति में बुधवार को भगवान श्री श्री आनंद मूर्ति द्वारा प्रदत अष्टाक्षरी सिद्ध महा मंत्र ” बाबा नाम केवलम “का गायन एवं बाध्य यंत्र का प्रदर्शन आनंद मार्गियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिभागियों को उत्साहवर्धन एवं सम्मानित किया गया। भुक्ति प्रधान धर्मेंद्र देव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक,मानसिक एवं आध्यात्मिक प्रगति के लिए सचेष्ट होना चाहिए ताकि जीवन आनंद दायक बने। विद्वान मानते है कि ज्ञान ही संपूर्ण मानव जीवन को केवल मार्गदर्शन करेगा। परंतु वे शारीरिक एवं आध्यात्मिक रूप से कमजोर होते है। इसी तरह कोई मात्र आध्यात्मिक चिंतन करता है परंतु अपनी आवश्यकताओं हेतु दूसरों पर निर्भर हो जाता है। इसी लिए 1970 में भगवान श्री श्री आनंदमूर्ति द्वारा सिद्ध अष्टाक्षरी महामंत्र “बाबा नाम केवलम” प्रदत है। इसका अर्थ है विश्व ब्रह्मांड में एक मात्र परमप्रिय एवं परम आराध्य परमपिता परमेश्वर ही सब कुछ है। इस सिद्ध मंत्र का संकीर्तन परमानंद दायक,मुक्ति मोक्ष दायक, सुख शांति दायक,चिंता शोक विनाशक, पाप ताप नाशक,मनोवांछित फल दायक, बाधा विपत्ति विदुरक,पर्यावरण परिष्कृत कारक,शत्रुता विनाशक,रोग नाशक आदि विशेषताओं से परिपूर्ण है। संकीर्तन का नृत्य आध्यात्मिक भाव तरंगों से संपन्न मानसध्यात्मिक व्यायाम है।


