मंईया योजना की राशि से 25 महिलाओ ने 50 हजार रुपए जुटाकर 2 किलोमीटर सड़क बनवाया

मंईया योजना की राशि से 25 महिलाओ ने 50 हजार रुपए जुटाकर 2 किलोमीटर सड़क बनवाया
मंईया सम्मान की राशि से नारी शक्ति ने किया कमाल
छतरपुर के पिछुलिया गांव में एंबुलेंस तक नहीं जा सकती थी
विकास कुमार
पलामू । छतरपुर के पिछुलिया गांव की सड़क गडढ़ों और कीचड़ से भरा था। इस रास्ते में किसी की बीमार होने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंचता था। किसी के बीमार पड़ने पर खाट पर लिटा कर गोपालपुर स्थित सड़क तक पहुंचाना पड़ता था उसके बाद किसी गाड़ी से अस्पताल तक पहुंचाया जाता था । प्रशांत राम और जितेंद्र कुमार ने गांव के कुछ और लोगों से 12 हजार रुपए चंदा करके गडढ़ों को भरने लगे लेकिन पैसा कम पड़ने लगा। मिट्टी मोरम के लिए पैसे की और जरूरत थी। इतने कम पैसा में मरम्मत करना संभव नहीं था। इसी दौरान गांव की महिलाओं को मैया समान योजना की राशि 2 महीना का 5-5 हजार रूपए खाते में आया। मोबाइल में पैसे की मैसेज देखने पर तुरंत महिलाओं ने एक बैठक किया और 25 महिलाओं ने दो-दो हजार खाते से निकलकर गांव वालों को सौपा। और इस प्रकार से 25 महिलाओं ने मिलाकर 50 हजार रुपए जमा कर रोड बनवाने के लिए सहयोग किया।
दो-दो हजार सहयोग करने वाले महिलाओं
विभा कुमारी, मंजू देवी, आशा देवी, गीता कुमारी, चिंता देवी, सोनी देवी, प्रेमशिला देवी, प्रतिमा देवी, पिंकी देवी, उषा देवी, सुषमा देवी, बेबी देवी, सविता देवी, लक्ष्मी देवी, विमला देवी, सुनीता देवी, शर्तिमा देवी, प्रीति कुमारी, बसंती देवी, शोभा कुमारी, रेणु देवी, सुशीला देवी, पुष्पा कुमारी, प्रियंका कुमारी, आदि शामिल है।
महिलाओं ने कहा कि गांव वाले ने कई बार विधायक, मुखिया, बीडीओ से संपर्क कर रोड बनवाने के लिए गुहार लगाई लेकिन किसी ने आज तक नहीं सुना। त्योहारों के समय में भी गांव के लोग कहीं भी नहीं जा सकते थे। लेकिन अब सड़क बन जाने से आसानी से गांव से शहर तक जा सकते हैं।
महिलाओं ने दिया हेमंत सरकार को धन्यवाद
महिलाओं ने कहा कि हेमंत सोरेन द्वारा चलाई गई मंईया सम्मान योजना के लिए सरकार को धन्यवाद देता हूं। हेमंत सरकार ने जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंईया सम्मान योजना चलाई है आज हकीकत में छतरपुर के पिछुलिया गांव की महिलाओं ने साबित कर दिया।



