संभागीय सचिव द्वारा त्रिदिवसीय सेमिनार का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन

विकास कुमार
गढ़वा। आनंद मार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में आनंद मार्ग जागृति गढ़वा में त्रिदिवसीय सेमिनार का शुभारंभ गुरु पूजा एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संभागीय सचिव की उपस्थिति में आचार्य व्रज प्राणानंद अवधूत, ब्रह्मचारिणी चयनिका आचार्या तथा भुक्ति समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर आचार्य व्रज प्राणानंद अवधूत ने सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तीनों दिनों में साधना, तंत्र साधना एवं समाज पर उसके प्रभाव, साथ ही प्रगति और पंचवेदना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सृष्टि में मानव सर्वोच्च प्राणी है और तारक ब्रह्म भगवान आनंद मूर्ति द्वारा प्रदत्त साधना पद्धति को व्यवहारिक जीवन में अपनाकर परम पुरुष की प्राप्ति की जा सकती है। आचार्य ने कहा कि तंत्र साधना मानव के सर्वांगीण विकास के लिए है, किंतु समाज में इसके विषय में अनेक भ्रांतियां फैलाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तंत्र का वास्तविक स्वरूप सकारात्मक एवं समाज हितकारी है। मानव जीवन की वास्तविक प्रगति त्रिस्तरीय—शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक—होती है, और इन तीनों के संतुलित विकास से ही समग्र उन्नति संभव है। यह त्रिदिवसीय सेमिनार 20, 21 एवं 22 फरवरी तक चलेगा। इसके मुख्य प्रशिक्षक आचार्य व्रजप्राणानंद अवधूत एवं ब्रह्मचारिणी चयनिका आचार्या दीदी हैं। कार्यक्रम में भुक्ति प्रधान धर्मेंद्र देव, दिनेश दादा, कैलाश दादा, मनोज दादा, गौतम देव, तृप्ति रानी सहित भुक्ति समिति के सभी सदस्यगण एवं अन्य साधकगण उपस्थित रहे।



