Uncategorized

यूजीसी के नए कानून का स्वागत, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा: वीरेंद्र साव

यूजीसी के नए कानून का स्वागत, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा: वीरेंद्र साव 

मेराल/गढ़वा 

गढ़वा। पूर्व प्रत्याशी गढ़वा विधानसभा एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य मेराल उतरी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा गढ़वा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र साव ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े नए कानून का स्वागत करते हुए इसे देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए एक दूरदर्शी एवं सकारात्मक पहल बताया है। श्री साव ने कहा कि यह नया कानून उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों को अकादमिक स्वायत्तता प्रदान करने, गुणवत्ता आधारित मूल्यांकन प्रणाली को सशक्त करने तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कानून से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा, साथ ही वैश्विक स्तर पर भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी वृद्धि होगी। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। श्री साव ने आगे कहा कि इससे शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र तीनों वर्गों को समान रूप से लाभ मिलेगा तथा शिक्षा को रोजगारोन्मुख और कौशल-आधारित बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यूजीसी का यह नया कानून राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है और “ज्ञान आधारित भारत” के निर्माण को नई गति देगा। अंत में उन्होंने सभी शिक्षा जगत से जुड़े हितधारकों से अपील की कि वे सकारात्मक सहयोग के साथ इस कानून को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!